- वाल्मीकि रामायण (उत्तर काण्ड), अध्यात्म रामायण






Para 6 TEXT - DEVONAM
भक्तों के मुख्य प्रश्न
कार्तिक अमावस्या को समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी प्रकट हुई थीं, और नया धन-समृद्धि बिना सद्बुद्धि के नष्ट न हो, इसलिए साथ में गणेश जी भी पूजे जाते हैं।
इस रात सूर्य और चंद्रमा दोनों तुला राशि में होते हैं, जो सबसे अंधकारमयी तिथि मानी जाती है; अतः दीप जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है।
मिट्टी पांचों तत्त्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का प्रतिनिधित्व करती है, और इसमें जलने वाला तेल हमारे अहंकार का दहन कर जीवन में विनम्रता लाता है।
ग्रंथों के अनुसार अवधवासियों ने अपने घरों को ध्वजा-पताकाओं से सजाया, चौकों पर वंदनवार बाँधी और सरयू तट को दीपमालाओं से प्रकाशित कर अमर उत्सव बना दिया।
यह प्रकृति और अन्न का आभार प्रकट करने का पर्व है, जिसे रामराज्य की उस समृद्धि और कृषि-संस्कृति की पुनर्स्थापना के प्रतीक रूप में भी मनाया जाता है।
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कार्तिक अमावस्या को समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी प्रकट हुई थीं, और नया धन-समृद्धि बिना सद्बुद्धि के नष्ट न हो, इसलिए साथ में गणेश जी भी पूजे जाते हैं।
इस रात सूर्य और चंद्रमा दोनों तुला राशि में होते हैं, जो सबसे अंधकारमयी तिथि मानी जाती है; अतः दीप जलाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है।
मिट्टी पांचों तत्त्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का प्रतिनिधित्व करती है, और इसमें जलने वाला तेल हमारे अहंकार का दहन कर जीवन में विनम्रता लाता है।
ग्रंथों के अनुसार अवधवासियों ने अपने घरों को ध्वजा-पताकाओं से सजाया, चौकों पर वंदनवार बाँधी और सरयू तट को दीपमालाओं से प्रकाशित कर अमर उत्सव बना दिया।
यह प्रकृति और अन्न का आभार प्रकट करने का पर्व है, जिसे रामराज्य की उस समृद्धि और कृषि-संस्कृति की पुनर्स्थापना के प्रतीक रूप में भी मनाया जाता है।
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